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100+ Best Mausam Shayari in Hindi | मौसम पर लिखी हुई शायरी

Published On: April 1, 2026
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मौसम का हर रंग, हर एहसास हमारी जिंदगी में अलग ही मस्ती और रोमांच लाता है। बारिश की बूंदें, ठंडी हवा, गर्म धूप या ठंड की खुमारी हर मौसम अपने साथ अलग ही जज़्बात लेकर आता है। और जब इन जज़्बातों को शायराना अंदाज़ में व्यक्त किया जाए, तो दिल को छू जाने वाली Mausam Shayari बन जाती है।

अगर आप मौसम के बदलते रंगों की भावनाओं को शब्दों में ढालकर अपने दोस्तों, सोशल मीडिया या खास किसी के साथ साझा करना चाहते हैं, तो 100+ Best Mausam Shayari in Hindi आपके लिए एकदम सही कलेक्शन है। यहाँ आपको बारिश, ठंड, गर्मी और बदलते मौसम से जुड़ी बेहतरीन शायरियाँ मिलेंगी, जो आपकी भावनाओं को और भी खूबसूरती से बयान करेंगी।

तो आइए, इस मौसम की शायरियों की दुनिया में खो जाएँ और हर मौसम को महसूस करें शब्दों की मिठास के साथ।

Mausam Shayari Collection in Hindi

ये मौसम कहीं गुजर ना जाए,
तूझे जी भर के देख लू बरसात से पहले…!

ये मौसम बोहोत खूबसूरत है,
इसे हम दोनो की जरूरत है…!

ऐ मौसम मुझे वहा ले चल,
जहा उसके और मेरे बीच कोई दूरी ना रहे…!

मेरी ख्वाइश आज मुझसे पूछती है,
तेरी ख्वाइश क्या है…!

चलने लगती हैं ये मौसम की भी सांसे,
जब कोई झोका तेरी पलकों की हवा का लहराए…!

जान ये मौसम तो कुछ लम्हों में बदल जाएगा,
वादा करो तुम नही बदलोगे…!

जब जब तु मेरे करीब आता था,
ये मौसम मेरे साथ साथ गुनगुना था…!

अपनी चाहत की फिर से शुरुवात होगी,
जब टूट के बरसेगा बदल और बरसात होगी…!

मौसम बाहर का आए तो दिल दुखता है,
काश वो समंझ पाते इस दूरी के एहसास को…!

ये मौसम उदासियो के बदल जाते,
अगर तुम मेरे साथ चल जाते…!

मुझे मौसम का नही,
तेरे बदल जाने का डर है…!

अजीब ही था वो सक्स,
बरसात की तरह आया,

और मौसम की तरह छा गया…!

ना भिगो इस तेज बरसात में,
मजाक अच्छा नहीं जानम मौसम के साथ में…!

इस बारिश में ऐसा काम कर जायेंगे,
अपना सबकुछ मौसम के नाम कर जायेंगे…!

तुम्हारा तो पता नही,
पर मेरा दिल तरसता है तुमसे मिलने के लिए…!

मेरी सादगी से इश्क कर पाओ तो बताना,
माना के मेरा चहरा इतना खास नही है…!

तेरे बारे में गलत सोच रखने वाले,
मुझे एक नजर नही भाते…!

मन होना चाहिए किसी को याद करने का,
वक्त तो अपने आप निकल जाता है…!

मर तो जाना ही है एक दिन,
तुम आओ तो थोड़ा जी लेंगे हम…!

जब प्यार किसी से ज्यादा हो जाए,
तो दिल मछली महबूब पानी बन जाता है…!

खुले आसमान के नीचे,
तेज बारिश के साथ,

नया प्यार मिलेगा,
नए मौसम के साथ…!

काश वो आए और कहे,
हम मौसम की तरह दीवाने है तेरे…!

उजड़ जाति हैं बस्तियां,
मौसम जरा सा खराब होने पर…!

मौसम चाहे जैसा भी हो,
तुमसे मिलने का वादा जरूर पूरा करूंगा…!

भीगना मुझे भी पसंद है,
अगर बारिश का कोई मौसम हो…!

भीगी भीगी बारिश का साज़ है,
ये मौसम नही मेरे दिल की आवाज है…!

अगर मौसम बहारों का हो,
तो हर चीज अच्छी लगती है…!

सावन की शुरुवात अलग होती है,
उस मौसम की बात अलग होती है…!

जब आसमान पर घाटा काली नजर आती है,
तो पेड़ो के पत्तो पर हरियाली नजर आती है…!

तेरे प्यार की जरूरत है मुझे,
ये मौसम मुझे तेरी ओर खींचता है…!

Barish Mausam Shayari in Hindi

ये बारिश का मौसम जब जब आता है,
अपने साथ सुहाने पल भी लाता है

कोई अजीब सी ख्वाइश रो रही है,
मेरे जिस्म में बारिश रो रही है

दिल को किसी की फरमाइश नही हुई,
फिर उसके बाद ऐसी बारिश नही हुई

जो कभी बादल बनकर बरसा था,
उसी की ख्वाइश में दिल तरसा था…!

किसी आंधी का नही,
यहां बारिश का जिक्र है,
मुझे मौसम की नही ,
तेरी फर्क है…!

वो बारिश की तरह है दोस्त,
अगर बरसे तो कायनात भीग जाए…!

हर बारिश में तेरा इंतजार करू,
मैं तुझे हद से ज्यादा प्यार करू…!

तुम अपना गम भूल जाओगे दोस्त,
जिस दिन बारिश में नहाओगे दोस्त…!

बारिश ही तो है, तुम्हारी यादों की तरह आई,
और चली गई…!

बारिश का कोई रंग तो नही होता,
मगर इनके बिना प्यार बेरंग है…!

जाने कोन भीगने से रह गया शहर में,
जिसके लिए रह रह के लोट रही है बारिश…!

कुछ तो चाहत होगी इन बारिश की बूंदों में,
वरना कोन गिरता है ज़मीन पर असमान तक पोहोच्ने के बाद…!

हवा चुरा के ले गई मेरी शायरी की किताब,
देखो आसमा आज पढ़ के रो रहा है…!

मौसम है बारिश का,
और याद तुम्हारी आती है…!

अजीब है तेरे जाने के बाद की बरीशे भी,
बंद कमरे में भी हमारा तकिया भीगता है…!

फितरत तो कुछ यूं भी है इंसान की,
बारिश खतम हो जाए तो छतरी बोझ लगती है…!

कोई ऐसी सड़क हो,
जहां कोई ना आता जाता हो,

बस तुम हो बारिश हो,
सिर्फ एक छाता हो…!

बारिश का क्या है साहब,
पल भर में ठहर जायेगी,

ये बूंदे तो मेरी आंखो से हर रोज बहती है…!

टूट कर बरसता है जब बदल,
मैं पागल सा हो जाता हु तेरी याद में…!

खो सा गया हू इस बार की बारिश में,
तुझे खोने के डर में, तुझे पाने की ख्वाइश में…!

भिगो कर मुझको पूरा वो फिर ना लेटी है,
शायद तुम्हारी तरह मुझसे शहर की बारिश भी रूठी है…!

तुम जो होते तो बात कुछ और थी,
अबकी बरसात तो बस पानी है…!

जब भी बारिश मेरी आंखो में उतर जाती है,
बदलो के तेरी तस्वीर उभर जाति है…!

Barish Ka Mausam Shayari Hindi

तुम्हारी यादें भी बारिश की तरह है,
भीग कर सुकून मिलता है…!

हमसे पूछो मिजाज बारिश का,
है जो कच्चे मकान वाले हैं…!

बाहर बारिश की बूँदें बरस रही हैं,
अंदर तेरे लिए आँखें तरस रही हैं…!

बारिश की बूंदों में जल रहा है दिल मेरा,
हर तरफ तेरी यादों का धुआं धुआं सा है…!

उनसे कहना के किस्मत पर इतना नाज़ ना करे,
हमने बारिश में भी जलते हुए मकान देखे हैं…!

आज सारा दिन उदास गुज़र गया,
अभी रात की सजा बाकी है…!

उदास फिरता है अब मोहल्ले में बारिश का पानी,
कश्तियां बनाने वाले मोबाइल से इश्क कर बैठे…!

बस एक तेरे संग भीगे हम,
मुझे उस बारिश की तलाश है…!

कोई कितना भी खुश मिजाज क्यों ना हो,
रुला देती है ये बारिश कभी कभी…!

सुना है बारिश में दुआ कबूल हो जाती है,
इजाजत हो तो तुम्हे मांग लू…!

कुछ रिश्ते बारिश की बूंदों की तरह है,
जब भी याद आते है तो जमकर बरसात होती है…!

क्या रोग दे गई है ये नए मौसम की बारिश,
मुझे याद आ रहे हैं, मुझे भूल जाने वाले…!

आदत ना डाल मुझे बारिश में नहाने की,
या तो ऊब जाऊंगा या डूब जाऊंगा…!

जिस तरह टूट के बरसी है बारिश,
उसी तरह खुद को तेरी जात पे मरते देखा…!

सुनो ये बादल जब भी बरसता है,
मेरा मन तुमसे मिलने को तरसता है…!

खिड़कियों से झांकना बेकार है,
बारिश हो रही हो तो थोड़ा भीग लेना चाहिए…!

बारिश में भीगना चाहती हू,
ताकि कोई मेरे आसू ना देख सके…!

Romantic Mausam Shayari

उनके प्यार में इस कदर मदहोश है की,
बारिश की बूंदों का स्पर्श भी उन्ही का एहसास कराता है…!

बारिश यूं अचानक आई,
ऐसा लगा तुम मेरे शहर में हो…!

मैं बादलों से ये गुज़ारिश करूँगा,
तुम मेरे पास हो जब भी ये बारिश हो…!

बारिश में भीगने का मजा तब आता है,
जब भीगने वाले दो हो और छाता एक…!

मुझे बारिश से इतना लगाव है,
की एक मौसम मेरे अंदर भी ऐसा रहता है…!

कुछ तो हुआ है इस बार की बारिश में,
वरना यूं ही बादल लगातार नही बरसते…!

बारिश से जरा कहदो इतना भी ना बरसे,
अगर मुझे उनकी याद आ गई तो मुकाबला बराबर का होगा…!

बारिश की तरह बरसे मेरा इश्क टुमपर,
तुम्हे भी ही जाए फिर इश्क का बुखार…!

सारे इत्रो की खुशबू मंद पड़ जाती है,
अगर मिट्टी पे बूंदे चंद पड़ जाती है…!

मौसम देख कर आना मेरे शहर में दोस्त,
मैं इस बार की बारिश में तुम्हे जाने नही दूंगा…!

चूम लेता हु मै उसको जब वो उदास होता है,
ये बारिश का मौसम भी बोहोत खास होता है…!

कितनी भी तेज हो इस बार की बारिश,
नही बदल सकती मेरी तुमसे मिलने की ख्वाइश…!

कभी कभी तो ऐसा लगता है मेरी जान,
ये बारिश सिर्फ हम दोनो के लिए बनी है…!

बारिश से मेरा रिश्ता सा बन गया है दोस्त,
जबसे भीगा हु मै तुम्हारी खुशी के लिए…!

मैने इश्क किया है तुझे बारिश की तरह,
तू जब भी आएगा मौसम हसीन होगा…!

जरा सी बात पर रिश्ते बदल भी जाते है,
तेज बारिश हो तो यारो फिशल भी जाते है…!

कोई भी मौसम खराब नही होता,
मगर बारिश की बात सबसे अलग है…!
लगा लो हमें अपने सीने से जान,
कहीं ये बारिश का मौसम गुजर जाए…!
बारिश थम सी गई है तेज रात में,
ये किसने रक्खे है कदम बरसात है…!
हर एक लहजे को तेरे अपना लूंगा,
मैं बारिश की तरह तुझे खुद में शमा लूंगा…!
कभी तो टूट के बरसे तो कभी गुम सी है,
ये बारिश भी मेरी जान तुम सी है…!
आया ना कोई सक्स तेरे बाद भीगने,
बारिश यूंही होती रही बरबाद रात भर…!
रोज मिलने को कोन कहता है,
बारिश रोज थोड़ी होती है…!
खुदा रोक दे बारिश कुछ पलो के लिए,
खुद को बोहोत सवारा है उसने मेरी गली से गुजरने के लिए…!
तेरे संग भीग जाऊं,
उस बारिश की तलाश है…!
इन बदलो में अब वो बारिश कहा,
जो तेरे होने पर थी…!
कैद करके रख लो ये लम्हे साहब,
ये बारिश रोज रोज नही होती…!
तेरे लिए कोई और नहीं,
बस मैं भीगता हु अकेला…!
कोन कहता है के बारिश रुलाने आती है,
इश्क सच्चा हो तो बारिश का इंतजार रहता है…!
तुम अब भी मेरी चाहत का सितम है क्या,
तेज़ बारिश में मेरा आना कम है क्या…!

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Anjali

मेरा नाम अंजलि है और मैं Shayari Here की एक लेखिका हूँ। मुझे शब्दों के ज़रिये जज़्बातों को बयां करना बेहद पसंद है। शायरी लिखना मेरे लिए सिर्फ़ एक शौक नहीं, बल्कि दिल की बातों को लोगों तक पहुँचाने का एक खूबसूरत ज़रिया है.
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